मध्यप्रदेश

शहडोल में रिश्वत लेते पकड़ा गया मेडिकल ऑफिसर एक साथ कर रहा तीन जगह नौकरी…

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- शहडोल जिले में 3 जुलाई को 5000 रुपए की घूस लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़े संविदा मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद शर्मा के श्योपुर के बाद अब खरगोन जिले में भी पदस्थ होने की बात सामने आई है। सेगांव बीएमओ डॉ. कुलदीप गोयल की मानें तो फरवरी 2023 से केली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ है। अब दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

कई बार जारी किए थे नोटिस

डॉ. महेश चंद्र शर्मा बिना सूचना छुट्टी पर रहता था। कई बार नोटिस जारी किए गए। डॉ. शर्मा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी (शहडोल) में कार्यरत था। लोकायुक्त रीवा की टीम ने उसे घूस लेते दबोचा। खबर फैली तो पता चला कि वह श्योपुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहसराम में पदस्थ है।

कार्रवाई के घेरे में तब भी

8 जून को केली में एक प्रसव के दौरान गैरहाजिर रहने पर कलेक्टर ने डॉ. शर्मा के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा था। मई में बिना सूचना गायब रहने पर वेतन रोक दिया था। उधर श्योपुर जिले की चार सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है।

एक साथ तीन जगह नौकरी!

अब सवाल उठ रहा है कि क्या डॉक्टर शर्मा तीन-तीन जगह एक साथ नौकरी कर रहा था। इस खुलासे ने हर किसी को हैरान कर दिया है।

CMHO ने मांगे रिकॉर्ड

श्योपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने शहडोल से डॉ. शर्मा की पदस्थापना, उपस्थिति, वेतन भुगतान और सेवा संबंधी सभी दस्तावेज तलब मांगे हैं। दोनों जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर मिलान किया जा रहा है।

इस मामले पर भी हो रही जांच

विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान डॉक्टर की गतिविधियों का संबंध गुजरात और उत्तरप्रदेश के आगरा से भी सामने आया है। अधिकारी पता लगा रहे हैं कि इन स्थानों से उसका संबंध किसी निजी मेडिकल प्रैक्टिस, प्रशिक्षण, अन्य पेशेवर गतिविधियों से था या फिर किसी अन्य कारण से था। जांच के दायरे में अब डॉक्टर की शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल डिग्री, पंजीयन, नियुक्ति प्रक्रिया तथा सेवा अभिलेख भी हैं। इनका सत्यापन किया जाएगा।

मामला गंभीर क्यों?

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि हाल ही में एनएचएम-मध्यप्रदेश के जरिए विभिन्न जिलों में नियुक्त संविदा डॉक्टरों का फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। कथित डॉक्टरों ने फर्जी डिग्री रजिस्ट्रेशन के जरिए नियुक्तियां पाईं। इसके बाद एनएचएम ने प्रदेशभर में ऐसी नियुक्तियों में दस्तावेज सत्यापन के निर्देश दिए।

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