मध्यप्रदेश

1000 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका दिल्ली से गिरफ्तार, फर्जी हस्ताक्षरों से कंपनियों पर नियंत्रण हासिल करने का आरोप, कोलकाता पुलिस आरोपी को लेकर रवाना

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी/रायपुर कटनी निवासी विधायक एवं उद्योगपति संजय सतेंद्र पाठक के पारिवारिक स्वामित्व वाली कंपनियों से करीब 1000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कोलकाता पुलिस ने मामले में कथित षड्यंत्रकारी और रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे कोलकाता ले गई है। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी, 467, 468, 471 सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

फर्जी हस्ताक्षरों से कंपनियों पर नियंत्रण हासिल करने का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेंद्र गोयनका पर आरोप है कि उसने कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों के माध्यम से पाठक परिवार के स्वामित्व वाली कई कंपनियों पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि गोयनका पूर्व में संजय पाठक के परिवार की कंपनी में कार्यरत था और यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में महत्वपूर्ण प्रबंधकीय पद पर भी रहा है। आरोपों के अनुसार, मामला कथित वित्तीय अनियमितताओं, कंपनी के माल की बिक्री में छल-कपट और करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हुआ है।

कटनी में भी दर्ज हैं गंभीर धाराओं में प्रकरण

जानकारी के अनुसार, महेंद्र गोयनका से जुड़े निदेशकों के विरुद्ध कटनी, मध्यप्रदेश में भी धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जालसाजी की धाराओं में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि मामले में सहयोगियों द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय तक खारिज हो चुकी हैं। इसके बावजूद संबंधित आरोपी पिछले डेढ़ से दो वर्ष से फरार बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मध्यप्रदेश पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

गिरफ्तारी से कई राज खुलने की आशंका

महेंद्र गोयनका की गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण वित्तीय और कारोबारी राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। आरोपों के अनुसार, उसे मध्यप्रदेश में कुछ अधिकारियों और सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मुंबई स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के 9 मई 2025 के आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका से जुड़े वित्तीय गबन संबंधी टिप्पणियों का भी उल्लेख होने की बात सामने आई है। इसके अलावा उनकी एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात में भी कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के हेरफेर के आरोपों की चर्चा है। अब कोलकाता पुलिस की जांच में इस पूरे कथित धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन का खुलासा होने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button