मध्यप्रदेश
अवैध शराब पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, सड़क पर उतरकर बैनर-तख्तियां लेकर सैकड़ों महिलाओं ने किया चक्काजाम, ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के पोड़ी खिरवा का मामला
जनलोक टाईम्स से सोनू त्रिपाठी की रिपोर्ट

पैकारी बंद कराने और लिखित कार्रवाई के आश्वासन पर अड़ीं, कटनी/ढीमरखेड़ा- ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में कथित अवैध शराब बिक्री और पैकारी के खिलाफ शुक्रवार सुबह ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। पोड़ी खिरवा के मुख्य मार्ग पर सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर चक्काजाम कर दिया। महिलाओं के हाथों में बैनर-तख्तियां थीं और वे “अवैध शराब बिक्री बंद करो” तथा “आबकारी प्रशासन होश में आओ” जैसे नारे लगा रही थीं। प्रदर्शन के चलते मार्ग के दोनों ओर बसों, ट्रकों और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

सूचना पर ढीमरखेड़ा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि महिलाएं ढीमरखेड़ा तहसील की शराब दुकानों से कथित रूप से होने वाली पैकारी पर रोक लगाने और संबंधित लोगों के खिलाफ लिखित कार्रवाई के आश्वासन की मांग पर अड़ी रहीं।
विधायक के पत्र के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक को अवैध शराब के संबंध में लिखित शिकायत दिए जाने का दावा किया गया है। प्रदर्शनकारियों का सवाल है कि शिकायत के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आखिर जिम्मेदारी किसकी है? हालांकि, शराब ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने और प्रशासनिक स्तर पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
सागर शराब कांड के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल
हालिया सागर जिले के जहरीली शराब प्रकरण के बीच ढीमरखेड़ा क्षेत्र में कथित रूप से कम कीमत पर देशी शराब बिक्री को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सागर हादसे के बाद भी क्षेत्र में शराब की कथित अवैध बिक्री पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया। वहीं, कम कीमत पर शराब बिक्री के मामले में उसकी वैधता, गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण की स्थिति की जांच की मांग भी उठ रही है।
अब सवाल आबकारी विभाग की भूमिका पर
ग्रामीण महिलाओं के प्रदर्शन ने आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अवैध शराब कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिलने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रदर्शन के बाद यह सवाल जरूर सामने आया है कि यदि क्षेत्र में अवैध शराब की शिकायतें लगातार मिल रही हैं तो जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई कहां तक पहुंची है?
अब निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है- क्या शिकायतों की जांच होगी, पैकारी पर रोक लगेगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या महिलाओं का यह आक्रोश महज आश्वासन तक सीमित रह जाएगा?
देखें वीडियो:-




