दमोह जिले के तेंदूखेड़ा से बड़ी खबर सामने आई है। यहां तेंदूखेड़ा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मनीष बागरी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में पाए गए। मंगलवार सुबह उनका शव उनके सरकारी आवास पर मिला। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस अमला मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी है।
रात को सरकारी आवास पर सोए, लेकिन फिर नहीं उठे
प्रारंभिक जांच के मुताबिक करीब 42 वर्षीय मनीष बागरी सोमवार रात भोजन करने के बाद अपने सरकारी आवास पर सोने चले गए थे। मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे तक जब वे अपने कमरे से बाहर नहीं आए, तब कर्मचारियों को चिंता हुई। बाद में कर्मचारियों ने सरकारी आवास पहुंचकर देखा तो वह संदिग्ध अवस्था में बेहोश मिले। उन्हें तत्काल तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फिलहाल हार्ट अटैक माना जा रहा मौत की वजह
फिलहाल उनकी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। शुरुआती जांच में पुलिस मौत का कारण हार्ट अटैक की आशंका बता रही है। लेकिन पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मानते हुए सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो सकेगा की सीईओ की मौत कैसे हुई है।
परिजन पहुंचे सरकारी आवास
घटना की सूचना मिलते ही मनीष बागरी के परिजन जबलपुर से तेंदूखेड़ा पहुंच गए। वहीं पुलिस अधिकारियों ने सरकारी आवास का निरीक्षण शुरू कर दिया है। पुलिस यहां जरूरी साक्ष्य जुटाने के प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
मूल रूप से जबलपुर निवासी
मनीष बागरी मूल रूप से जबलपुर के निवासी थे। वे आमतौर पर जबलपुर से दमोह के तेंदूखेड़ा अप-डाउन करते थे। लेकिन सोमवार रात वे अपने सरकारी आवास पर ही रुके। सुबह उनकी अचानक मौत की खबर से प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।