मध्यप्रदेश

नरसिंहपुर में 8 हजार की रिश्वत लेते सहकारिता विभाग का ऑडिट ऑफिसर रंगेहाथ गिरफ्तार, 20 हजार की मांगी थी रिश्वत, बातचीत के बाद 8 हजार में हुआ सौदा, प्रभारी प्रबंधक को भी बनाया सह आरोपी

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने नरसिंहपुर में सहकारिता विभाग के ऑडिट ऑफिसर एवं प्रभारी प्रबंधक को रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई की। टीम ने ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। मामले में प्रभारी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव को भी सह आरोपी बनाया गया है।

20 हजार रुपये की मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार गोटेगांव तहसील के मेघ गांव निवासी अशोक कुमार पटेल सेवा सहकारी समिति बरहटा में समिति प्रबंधक हैं। समिति के वर्ष 2025-26 के ऑडिट के संबंध में वे ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह से मिले थे। शिकायत के मुताबिक ऑडिट करने और आपत्ति नहीं लगाने के एवज में राजेंद्र सिंह ने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद 8 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।

डीआर कार्यालय में बुलाकर ली रिश्वत

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर सोमवार को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। आरोपी राजेंद्र सिंह ने रिश्वत की रकम लेने के लिए अशोक पटेल को नरसिंहपुर स्थित डीआर कार्यालय बुलाया। जैसे ही उसने 8 हजार रुपये की रिश्वत ली, सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

लोकायुक्त टीम ने मामले में राजेंद्र सिंह के साथ प्रभारी प्रबंधक अमित श्रीवास्तव को भी सह आरोपी बनाया है। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(B), 13(2) तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की गई है।

ट्रैप कार्रवाई में टीएलओ निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।

Related Articles

Back to top button