एमपी में पोलियो से बचाव की खुराक पीने के बाद दो बच्चियों की संदिग्ध हालात में मौत के मामले सामने आए हैं। विदिशा और झाबुआ में ये घटनाएं हुई। विदिशा की कुरवाई तहसील और झाबुआ जिले के कल्याणपुरा ब्लॉक में रविवार को दवा पीने के कुछ ही घंटों बाद बच्चियों की मौत हो गई। दोनों के परिजनों ने पोलियो की खुराक को मौत का कारण बताया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के सीनियर अफसरों ने इन आरोपों को खारिज कर जांच शुरू की है।
विदिशा: अस्पताल में मृत घोषित किया
विदिशा जिले की कुरवाई तहसील के मैनखेड़ी गांव में सुबह 10 बजे अनिल अहिरवार की दो माह की बेटी मानसी को बूथ-69 बी पर खुराक दी गई। दोपहर 2.45 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी। परिजन मानसी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
सीएमएचओ डॉ. रामहित कुमार ने बताया, पोलियो ड्रॉप्स बेहद सुरक्षित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. रामहित कुमार ने बताया, पोलियो ड्रॉप्स बेहद सुरक्षित है। उसी बूथ पर 44 बच्चों को दवा पिलाई गई। इनमें मृत बच्ची की 4 साल की बहन महक भी शामिल है। सभी स्वस्थ हैं। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराया गया है।
झाबुआ: 11 माह की बेटी पूजा को दोपहर 2 बजे खुराक दी गई थी
झाबुआ के कल्याणपुरा ब्लॉक स्थित उमरिया सालम गांव में सुनील डामोर की 11 माह की बेटी पूजा को दोपहर 2 बजे खुराक दी गई थी। कुछ समय बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
जिस शीशी से पूजा को दवा दी गई थी, उसी से 19 अन्य बच्चों को भी खुराक दी
सीएमएचओ डॉ. एमएल चोपड़ा का कहना है, जिस शीशी से पूजा को दवा दी गई थी, उसी से 19 अन्य बच्चों को भी खुराक दी गई। वे सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं।
प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया कि सांस नली में दूध अटकने से मौत हुई
उधर, दो डॉक्टरों के पैनल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि सांस नली में दूध अटकने से मौत हुई होगी। पूजा का वजन उम्र के हिसाब से कम 5.200 किलो था। पहले से भी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं।