कटनी- शहर में बिना सक्षम अनुमति अवैध कॉलोनी विकसित कर भूखंडों की बिक्री करने वालों के खिलाफ नगर पालिक निगम प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देश पर हुई जांच में वीर सावरकर और राजीव गांधी वार्ड में बिना अनुमति प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और कॉलोनी विकसित किए जाने के मामले सामने आए। निगम की शिकायत पर थाना कोतवाली पुलिस ने दो मामलों में संबंधितों के विरुद्ध मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 292-ग तथा मध्यप्रदेश कॉलोनी विकास नियम, 2021 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डेढ़ एकड़ जमीन पर बना दी सड़क, कर दिया भूखंडों का विभाजन
वीर सावरकर वार्ड में खसरा क्रमांक 607/8क, 607/5, 603, 605, 606/1 एवं 606/2 की लगभग 1.50 एकड़ भूमि पर बिना सक्षम स्वीकृति कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायत निगम को मिली थी। जांच में भूमि स्वामी अजय कुशवाहा एवं अनिल कुशवाहा द्वारा करीब 200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कर डस्ट डालकर भूखंडों का विभाजन और उनके विक्रय की गतिविधियां सामने आईं।
निगम प्रशासन के अनुसार उक्त गतिविधियां निर्धारित वैधानिक प्रावधानों के विपरीत पाई गईं। साथ ही इससे निगम को आर्थिक क्षति होने की स्थिति सामने आने पर वैधानिक कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस को शिकायत भेजी गई। पुलिस ने संबंधितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजीव गांधी वार्ड में भी अवैध प्लॉटिंग
दूसरा मामला राजीव गांधी वार्ड का है। यहां खसरा क्रमांक 1417/1ग एवं 1418/1ग की कुल 0.456 हेक्टेयर भूमि पर बिना सक्षम अनुमति भूखंडों का विभाजन कर कॉलोनी विकसित किए जाने की जांच में पुष्टि हुई। निगम की जांच में भूखंडों के विक्रय के साथ-साथ बिना अनुमति सड़क आदि का निर्माण कराया जाना भी पाया गया।
इस मामले में निगम प्रशासन की शिकायत पर सुधीर कुमार जैन, निवासी हाउसिंग बोर्ड, शांतिनगर के विरुद्ध थाना कोतवाली कटनी में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले को जांच में लेकर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
अवैध कॉलोनाइजरों को निगम की दो टूक
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम सीमा में बिना सक्षम अनुमति कॉलोनी विकसित करने, अवैध प्लॉटिंग करने अथवा भूखंडों का विक्रय करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। निगम प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।
निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड अथवा कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, आवश्यक अनुमतियां और रेरा पंजीयन अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि नागरिक अवैध कॉलोनियों के झांसे में आने से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल नगर निगम प्रशासन को दें।