उज्जैन- सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुश्तैनी मकान का एक हिस्सा भी हटाया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं गैंती चलाकर कार्रवाई की शुरुआत की। बचपन से जुड़ी यादों वाले घर का हिस्सा टूटते देख वे भावुक नजर आए।
सड़क चौड़ीकरण का यह कार्य अब्दालपुरा क्षेत्र में खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक करीब 730 मीटर मार्ग पर किया जा रहा है। परियोजना के तहत सड़क को करीब 15 मीटर चौड़ा किया जाना है और मुख्यमंत्री के पुश्तैनी मकान का लगभग तीन मीटर हिस्सा इसकी जद में आया है। आसपास के करीब 270 अन्य निर्माण भी प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री के भावुक होने के बाद इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे ‘पर्ची से आए हैं’ और उन्हें पता नहीं है कि प्रदेश को किस दिशा में ले जाना है। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा- “36 बच्चे मर गए, तब रोना नहीं आया आपको।” उन्होंने मुख्यमंत्री पर प्रदेश की जनता को मूर्ख समझने का आरोप भी लगाया।
पटवारी की इन टिप्पणियों से मुख्यमंत्री के पुश्तैनी मकान के हिस्से को हटाए जाने का मामला राजनीतिक बहस में बदल गया है। वहीं, मुख्यमंत्री की ओर से सड़क चौड़ी करण को उज्जैन के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों से जोड़ते हुए अपने मकान का हिस्सा स्वयं हटाने की शुरुआत की गई है।