मध्यप्रदेश

कुपोषित बच्चों की मदद अब होगी ट्रैक, ‘भावनी’ पोर्टल बताएगा किस बच्चे को कितनी जरूरत, सत्यापित आंकड़ों से चिन्हित होंगे बच्चे, सहायता से पोषण सुधार तक हर कदम का रहेगा डिजिटल रिकॉर्ड

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

भोपाल- मध्यप्रदेश में कुपोषण के खिलाफ सरकारी प्रयासों के साथ अब समाज, स्वयंसेवी संस्थाओं और दानदाताओं की भागीदारी को तकनीक से जोड़ने की पहल की गई है। ‘भावनी’ पोर्टल के माध्यम से पोषण संबंधी आवश्यकता वाले बच्चों को मार्गदर्शकों, सहयोगी संस्थाओं और दानदाताओं से पारदर्शी तरीके से जोड़ा जा रहा है। खास बात यह है कि बच्चे को सहायता मिलने के बाद उसकी पोषण स्थिति में हुए बदलाव की भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

पहचान रहेगी गोपनीय, जरूरत होगी स्पष्ट

‘भावनी’ पोर्टल पर महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रणालियों से सत्यापित बाल आंकड़ों के आधार पर जरूरतमंद बच्चों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। बच्चों की निजता को ध्यान में रखते हुए उनकी व्यक्तिगत पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। पोर्टल पर जानकारी अनाम रूप में प्रदर्शित होती है, जिससे सहायता और गोपनीयता दोनों सुनिश्चित हो सकें।

बच्चे की जरूरत के अनुसार मिलेगी सहायता

पोर्टल पर मार्गदर्शक समग्र पहचान क्रमांक के साथ अथवा उसके बिना पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के बाद वे अपने क्षेत्र में उपलब्ध बच्चों की सूची देख सकेंगे और बच्चे की पोषण स्थिति व आवश्यकता के अनुसार सहायता के लिए चयन कर सकेंगे। सहायता का प्रकार, अवधि और अन्य विवरण दर्ज होने के बाद संबंधित बच्चे के लिए विशिष्ट सहायता पहचान क्रमांक तैयार किया जाता है।

सहायता के बाद भी जारी रहेगी निगरानी

‘भावनी’ की व्यवस्था में सहायता देने के बाद प्रक्रिया समाप्त नहीं होती। ‘मेरे बच्चों की सूची’ के माध्यम से मार्गदर्शक संबंधित बच्चों को दी जा रही सहायता और उनकी पोषण प्रगति की निगरानी कर सकते हैं। निर्धारित साप्ताहिक या मासिक अंतराल पर बच्चे की स्थिति अपडेट की जाती है। सहायता की तिथि, स्वरूप, पोषण स्थिति, अवलोकन और उपलब्ध प्रमाण भी दर्ज किए जाते हैं।

सरकार और समाज के बीच बनेगा सेतु

पोर्टल के माध्यम से सरकारी तंत्र और समाज के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर पंजीकृत मार्गदर्शकों, सहयोगी संस्थाओं और उनसे जुड़े बच्चों की जानकारी देखी जा सकती है। इससे यह पता लगाने में सुविधा होगी कि किन बच्चों को सहयोग मिल रहा है और उनकी पोषण स्थिति में कितना बदलाव आया है।

वर्ष 2022 में विकसित हुआ पोर्टल

‘भावनी’ पोर्टल का निर्माण सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल द्वारा वर्ष 2022 में किया गया था। इसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की पहचान, उन्हें सहायता से जोड़ने और सहायता के बाद उनकी प्रगति की निगरानी की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है।

तकनीक के साथ सामाजिक सहभागिता

‘भावनी’ पोर्टल के जरिए तकनीक को सामाजिक संवेदना और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ा गया है। विभाग अपनी योजनाओं एवं सेवाओं के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ काम कर रहा है, वहीं सक्षम व्यक्ति, सामाजिक संस्थाएं और दानदाता बच्चों की वास्तविक जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध करा सकते हैं। इससे कुपोषण के खिलाफ सरकारी प्रयासों में सामाजिक भागीदारी को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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