Blogमध्यप्रदेश

भेड़ाघाट में बनेगा देश का पहला विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल पार्क और म्यूजियम, केंद्र सरकार ने 87 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी, 12 हेक्टेयर में होगा विकास; पर्यटन और रोजगार को मिलेगा विस्तार

जनलोक टाईम्स से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

जबलपुर- विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट में अब प्राकृतिक सौंदर्य के साथ भू-विज्ञान, इतिहास और आधुनिक पर्यटन का नया केंद्र विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत करीब 87 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। परियोजना मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से लगभग 12 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएगी।

परियोजना में विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर, छह विषयगत गैलरियां और 130 से अधिक प्रदर्श प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 3डी मॉडलिंग, इंटरैक्टिव टच टेबल, डिजिटल पैनल, इमर्सिव थिएटर, टाइटेनोसॉर स्क्वायर, डायनासोर पार्क, फॉसिल गार्डन, जियोलॉजिकल मेज, रॉक गार्डन, ट्री-टॉप वॉकवे, ग्लास फ्लोर, नेचर वॉक और व्यूइंग डेक जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

90 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र हरित रखने का लक्ष्य

परियोजना में लगभग 5,745 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र प्रस्तावित है, जबकि 90 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र को हरित रखने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा पेड़ों और प्राकृतिक भू-दृश्य को संरक्षित रखते हुए निर्माण किया जाएगा। परिसर में रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, म्यूजियम शॉप, स्थानीय उत्पादों के लिए रिटेल क्षेत्र, ग्लैम्पिंग टेंट आधारित इको-रिसॉर्ट, पार्किंग और टिकटिंग जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।

करोड़ों वर्ष पुराने भू-इतिहास से रूबरू होंगे पर्यटक

लम्हेटा फॉर्मेशन भेड़ाघाट क्षेत्र की महत्वपूर्ण भू-वैज्ञानिक पहचान है। प्रस्तावित संग्रहालय में पृथ्वी की उत्पत्ति से लेकर मध्यप्रदेश और नर्मदा घाटी के करोड़ों वर्ष पुराने भू-वैज्ञानिक इतिहास को आधुनिक और अनुभव आधारित तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। मध्यप्रदेश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की भू-सांस्कृतिक विशेषताओं को भी प्रदर्शित करने की योजना है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के प्रयासों को मिली मंजूरी

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने परियोजना की मंजूरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार जताया। परियोजना से संबंधित जानकारी के अनुसार सिंह ने जनवरी 2024 में इसकी डीपीआर और डिजाइन का प्रस्तुतिकरण देखा था तथा प्राकृतिक परिवेश, लम्हेटा फॉर्मेशन, जबलपुर की भू-संस्कृति और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को परियोजना में शामिल करने पर जोर दिया था।

18 माह में पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड होगी। इसे सितंबर 2026 से फरवरी 2028 के बीच 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2025 में करीब 10.68 लाख पर्यटक भेड़ाघाट पहुंचे थे। नई सुविधाओं से होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, हस्तशिल्प, गाइड सेवा और अन्य स्थानीय पर्यटन गतिविधियों में रोजगार एवं कारोबार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

भेड़ाघाट की संगमरमर की चट्टानें, धुआंधार जलप्रपात, नर्मदा नदी और चौसठ योगिनी मंदिर पहले से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। जियोलॉजिकल पार्क और म्यूजियम के जुड़ने से यहां प्राकृतिक पर्यटन के साथ विज्ञान, शिक्षा और अनुभव आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा देने की योजना है।

Related Articles

Back to top button